जय हिन्द दोस्तो ,स्वागत है आप सभी का The Guru Shala पर दोस्तों आज हम आपको संविधान में किये गये प्रमुख संशोधन (major amendments to the constitution) के बारे में बतायेगे  जो की आने वाली परीक्षाओ की द्रष्टि से importent है  तो चलिए शुरू करते है

संविधान में किये गये प्रमुख संशोधन

  • भारत के संविधान को विश्व के सबसे अधिक संशोधित संविधानों में से एक माना जाता है
  • भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन से लेकर गरीब सवर्णाें को आरक्षण देने तक के लिए कई संशोधन इसमें किए गए हैं

पहला संविधान संशोधन 1951 :  इसके द्वारा संविधान में नौवीं अनुसूची को जोड़ा गया जिसमें उल्लेखित कानूनों को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्तियों के अंतर्गत परीक्षा नहीं दी जा सकती है।major amendments to the constitution

10 वाँ  संविधान संशोधन 1961 :  इसके अंतर्गत भूतपूर्व पुर्तगाली अंत: क्षेत्रों – दादर एवं नागर हवेली को भारत में शामिल कर लिया गया।

12 वाँ  संविधान संशोधन 1962 :  इसके अंर्तगत संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन कर गोवा, दमन एवं दीप को भारत में केंद्रशासित प्रदेश के रूप में शामिल कर लिया गया।

14 वाँ  संविधान संशोधन 1963 :  इसके अंतर्गत केंद्रशासित प्रदेशके रूप में पुदुचेरी को भारत में शामिल कर लिया गया।

16 वाँ  संविधान संशोधन 1963 :  इसके अंतर्गत तीसरी अनुसूची में भी परिर्वतन कर शपथ ग्रहण के अंतर्गत श्में भारत की स्वंतत्रता एवं अखण्ड़ता को बनाए रखुंगा जोड़ा गया।         

31 वाँ  संविधान संशोधन 1973:  इसके अंतर्गत लोकसभा के सदस्यों की संख्या 525 से 545 कर दी गई तथा केन्द्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व 25 से घटाकर 20 कर दिया गया।

42 वाँ  संविधान संशोधन 1976: इसके अंर्तगत व्यापक परिवर्तन लाये गये, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित थे

  • संविधान की प्रस्तावना में श्समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं राष्ट्र की अखण्ड़ताश् आदि शब्द जोड़े गये।
  • सभी नीति निर्देशक सिध्दांतों को मूल अधिकारों पर सर्वोच्चता की गई।
  • संविधान में मौलिक कत्र्तवयों को अनुच्छेद 51A भाग 4A के अंतर्गत जोड़ा गया।
  • लोकसभा व विधानसभाओ की अवधि को 5 से 6 वर्ष कर दिया गया।
  • राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद एवं उसके प्रमुख प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार कार्य करेगा।

44 वाँ  संविधान संशोधन 1978 : इसके अंर्तगत व्यापक परिवर्तन लाये गये, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित थे

  • इसके द्वारा सम्पत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों के अनुच्छेद 19F व अनुच्छेद 31 से हटाकर अनुच्छेद 300A में जोड़कर विधिकध्कानूनी अधिकारों की श्रेणी में रखा गया।
  • लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं की अवधि 6 बर्ष से घटाकर पुनः 5 बर्ष कर दी गई।
  • सर्वोच्च न्यायालय को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधी विवाद को हल करने की अधिकारिता प्रदान की गई।

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52 वाँ  संविधान संशोधन 1985:  दल-बदल विरोधी संबंधी निम्नलिखित प्रावधानों को संविधान की दसवीं अनुसूची  के अंतर्गत रखा गया:

  • इस संसोधन के द्वारा राजनैतिक दल-बदल पर अंकुश लगाने का लक्ष्य रखा गया।
  • इसके अंतर्गत संसद या विधान मंडलों के उन सदस्यों को अयोग्य घोषित कर दिया जायेगा, जो उस दल कों छोड़ते हैं जिसके चुनाव-चिन्ह पर उन्होनें चुनाव लड़ा था।
  • परन्तु यदि किसी दल की संसदीय पार्टी के एक-तिहाई सदस्य अलग दल बनाना चाहते है तो उन पर अयोग्यता लागू नहीं होगी।

61 वाँ  संविधान संशोधन 1989:  इसके द्वारा मतदान के लिए आयु-सीमा 21 बर्ष से घटाकर 18 बर्ष कर दी गई।major amendments to the constitution

69 वाँ  संविधान संशोधन 1991: इसके द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को बनाया गया और दिल्ली का उपराज्यपाल को दिल्ली का प्रशासक होगा।

73 वाँ  संविधान संशोधन 1993:  इसके अंतर्गत निम्नलिखित परिवर्तन कियें गए

  • इसके अंतर्गत संविधान में 11 वीं अनुसूची जोड़ी गई।
  • जिसमें ग्राम पंचायती राज संबंधी प्रावधानों को सम्मिलित किया जाता है।
  • इस संशोधन के द्वारा संविधान में भाग-9 को जोड़ा गया।

74 वाँ  संविधान संशोधन 1993: इसके अंतर्गत निम्नलिखित परिवर्तन कियें गए

  • इसके अंतर्गत संविधान में 12 वीं अनुसूची जोड़ी गई।
  • जिसमें नगर पंचायती राज संबंधी प्रावधानों को सम्मिलित किया जाता है।
  • इस संशोधन के द्वारा संविधान में भाग- 9A को जोड़ा गया।

84 वाँ  संविधान संशोधन 2001:  इसके अंर्तगत व्यापक परिवर्तन लाये गये, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित थे

  • इस संशोधन अधिनियम द्वारा लोकसभा तथा विधानसभाओं की सीटों की संख्या में बर्ष 2026 तक कोई परिवर्तन न करने का प्रावधान किया गया है।
  • राष्ट्रपति के चुनाव के लिए बर्ष 2026 तक 1971 की जनगणना को आधार माना जायेगा।

86 वाँ  संविधान संशोधन 2002:  इसके अंर्तगत व्यापक परिवर्तन लाये गये, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित थे

  • इस संशोधन अधिनियम द्वारा देश के 6 से 14 बर्ष तक के बच्चों के लिए अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देने संबंधी प्रावधान किया गया है।
  • इसे अनुच्छेद-21A के अंतर्गत संविधान में जोडा गया है।
  • इस अधिनियम द्वारा संविधान के अनुच्छेद-45 में संशोधन किये जाने का प्रावधान है।
  • मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया। अनुच्छेद-51A(K) मै

91 वा संविधान संशोधन 2003:  इसके द्वारा लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में सदस्यों की संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर निष्चित की गई, जो 2026 तक यथावत रहेगी।                                                                                                 

97 वाँ  संविधान संशोधन 2011:  सहकारी समितियों की अभिवृध्दि अनुच्छेद 43B

100 वाँ  संविधान संशोधन 2015:  भारत-बंग्लादेश भूमि हस्तांतरण

101 वाँ  संविधान संशोधन 2017:  इसके द्वारा वस्तु एवं सेवा कर को लागू किया गया।

102 वाँ  संविधान संशोधन 2017:  इसके द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया।major amendments to the constitution

103 वाँ  संविधान संशोधन 2019 : सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सरकारी नौकरियों तथा शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान

परीक्षा उपयोगी 

संविधान सभा के अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

भारतीय संविधान निर्मात्री सभा के प्रमुख सदस्य

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