Indian Transport System part – 2(भारतीय यातायात व्यवस्था)

जय हिन्द दोस्तो ,  स्वागत है आप सभी का The Guru Shala  पर आज हम आपको Indian Transport System ii (भारतीय यातायात व्यवस्था 2 ) बताने जा रहे हैं , जो की Complete Topic Wise रहेगा जिसमे  हम  आपको  Topic  complete  होने  पर उस Topic के Importent MCQ देगे जिसका आने बाले सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूंछे जाने की पूरी पूरी संभावना है ! तो आप सभी से निवेदन है कि इसे अच्छे से पढिये और याद कर लीजिये !

  • परिवहन किसी भी देश के समग्र विकास का आधार होता है, जो देश के दुरस्त

भागों को आपस में जोड़ता है।

  • परिवहन व्यवस्था को चार भागों में वगीकृत किया गया है :
  1. सड़क परिवहन   
  2. रेल परिवहन
  3. जल परिवहन
  4. वायु परिवहन

 

जल परिवहन

जल परिवहन का भारतीय इतिहास :

  • भारत में प्राचीन कल से ही जल परिवहन का महत्व रहा है।
  • सिन्धु  घाटी सभ्यता में लोथल नमक विशाल बन्दरगाह होने के साक्ष्य मिले है जो कि अहमदाबाद के भाल प्रदेश के पास स्थित है।
  • प्राचीन कल से ही विदेशी जल मार्ग से भारत की यात्रा के लिए आया करते थे।
  • जो कि भूमध्य सागर या काला सागर व्दारा लाल सागर, फारस की खाड़ी और अरब सागर होता हुआ भारत पहुचता था।
  • ये मार्ग यूरोप वासियों तक भी पहुच जाता था।
  • ये व्यापारिक मार्ग 14 वी शताब्दी तक निर्विरोध चलते रहे लेकिन ज्यों – ज्यों 15 वी शताब्दी अरबों का प्रसार और प्रभाव बड़ता गया, त्यों – त्यों ये मार्ग असुरक्षित हो गया।
  • 1453 में उस्मानिया सल्तनत(तुर्क) ने कुस्तुनतुनिया जीत लिया और ये मार्ग यूरोप के लिए बंद कर दिया।
  • इसी के बाद २० मई 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के लिए नए जलीय मर्ज की खोज की।
  • वर्तमान में भारत की तट रेखा 7516 कि.मी. लम्वी है, परन्तु यह तट रेखा बहुत कम कटी – फटी है।
  • अत: इसके तट पर बड़े प्राकृतिक बंदरगाह बहुत कम विकसित हुये है।
  • भारत में 13 बड़े एवं लगभग 200 गौण बंदरगाह है।

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जल परिवहन से सम्बन्धित अन्य बातें :

  • वर्तमान में भारत की तट रेखा 7516 कि.मी. लम्वी है, परन्तु यह तट रेखा बहुत कम कटी – फटी है।
  • अत: इसके तट पर बड़े प्राकृतिक बंदरगाह बहुत कम विकसित हुये है।
  • भारत में 13 बड़े एवं लगभग 200 गौण बंदरगाह है।
  • बड़े बन्दरगाहो की देखरेख व प्रबंध केंद्र सरकार तथा गौण बन्दरगाहो की देखरेख व प्रबंध राज्य सरकार व्दारा किया जाता है।
  • अर्थव्यवस्था की दृष्टि से देश में अन्य परिवहन की अपेक्षा जल परिवहन का अधिक महत्व है।
  • भारत में भर की दृष्टि से लगभग 95% व मूल्य की दृष्टि से लगभग 70% विदेशी व्यापर महासागरीय मार्गो से होता है।
  • इन मार्गो का उपयोग देश की मुख्य भूमि व व्दीपो के बीच भी किया जाता है।

भारत के प्रभुख बंदरगाह

  • कांडला बंदरगाह (गुजरात) :
  • यह भारत का सबसे बड़ा ज्वारीय बंदरगाह है।
  • यह सबसे ज्यादा कन्टेनर क्षमता वाला बंदरगाह है।
  • इसे ‘करमुक्त व्यापर क्षेत्र’ भी घोषित किया गया है।
  • स्वतंत्रता के पश्चात विकसित किया प्रथम बंदरगाह बना|

 

  • मुंबई बंदरगाह (महाराष्ट्र) :
  • भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह है।
  • भारत का सर्वाधिक व्यापर इसी बंदरगाह से होता है।
  • इसे भारत का प्रवेश व्दार नही कहा जाता है।
  • पश्चिमी तट का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह है।
  • सर्वाधिक आयात करने वाला बंदरगाह है जो कि भारत के कुल आयात का  लगभग 20% है।

 

  • न्हावाशेवा बंदरगाह (महाराष्ट्र) :
  • उपनाम : जवाहर लाल नेहरु बंदरगाह
  • भारत का प्रथम पूर्णत: कम्प्यूटरीकृत बंदरगाह है।
  • इसका निर्माण मुंबई बंदरगाह के दबाव या रस को कम करने के लिए किया गया था।
  • यह देश का सबसे आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त बंदरगाह है।

 

  • मर्म गोवा बंदरगाह (गोवा) :
  • लौह-अयस्क के निर्यात के लिए प्रसिद्ध है।
  • जुआरी नदी की एश्चुअरी पर स्थित है|

 

  • न्यू मंगलौर (कर्नाटक) :
  • यह बंदरगाह से केन्द्र्मुख की खान से निकला गया लौह-अयस्क जापान के लिए निर्यात किया जाता है।
  • कोच्चि बंदरगाह (केरल) :
  • उपनाम : मशाला बंदरगाह, अरब सागर की रानी
  • यह पश्चिमी तट का सर्वश्रेष्ट बंदरगाह है।
  • चाय, कॉफी व मशाले के निर्यात के लिए प्रसिद्ध है।
  • कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड : जहाज निर्माण व मरम्मत का सबसे बड़ी क्षमता वाला शिपयार्ड है।
  • 9 फरबरी 2004 को देश का पहला तैरता हुआ ATM बना।
  • यह ATM केरल शिपिंग एंड इंग्लेंड नेविगेशन कारपोरेशन के झन्कार नाम की स्टीयर पर लगया गया।
  • यह नौका एशिया के सबसे घनी आवादी वाले क्षेत्र एर्नाकुलम और व्यापीन के बीच में चलत है।

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  • तूतीकोरन बंदरगाह (तमिलनाडु) :
  • उपनाम : मोती बंदरगाह  
  • यह तमिलनाडु राज्य के दक्षिण में स्थित बंदरगाह है।
  • यह प्रसंस्किृत मछली के निर्यात के लिए प्रसिध्द है।
  • यह मन्नार की खाड़ी में स्थित है।

 

  • एन्नौर बंदरगाह (तमिलनाडु) :
  • नया नाम : कामराज बन्दरगाह   
  • भारत का का प्रथम कम्प्यूटरीकृत बंदरगाह है।
  • चेन्नई बंदरगाह का दबाव या रस कम करने के लिए इसे बनाया गया है।

 

  • चेन्नई बंदरगाह (तमिलनाडु) :
  • भारत का सबसे पुराना व प्राकृतिक बंदरगाह है।    
  • भारत का का प्रथम कम्प्यूटरीकृत बंदरगाह है।

 

  • विशाखापट्टनम बंदरगाह (आंध्र प्रदेश) :
  • भारत का सबसे गहरा बंदरगाह है।    
  • भारत का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक बंदरगाह है।
  • डाल्फिन पहाड़ी के पीछे छुपा होने के कारण यह सुनामी से बचा रहता है।
  • यह अपनी गुणवत्ता व उत्पादकता के लिए प्रसिध्द है।
  • यहाँ जहाज निर्माण व मरम्मत भी किया जाता है।

 

  • पाराव्दीप बंदरगाह (उड़ीसा) :
  • यह बंदरगाह उड़ीसा एवं बिहार के खनिजों को निर्यात किया जाता है।    

Indian Transport System part – 2

  • कोलकाता बंदरगाह (पं. बंगाल) :
  • यह पश्चिमी बंगाल में हुगली नदी के के किनारे स्थित है।    
  • यह पश्चिमी तट का सबसे बड़ा व भारत का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है।
  • गाद के जमाव को रोकने के लिए फरक्का बैराज बांध बनाया गया है।

 

  • हल्दिया बंदरगाह (पं. बंगाल) :
  • कोलकाता बंदरगाह के दक्षिण में स्थित यह बंदरगाह हुगली नदी पर कोलकाता बंदरगाह के दबाव या रस को कम करने के लिए बनाया गया है।
  • यहाँ तेल शोधन कारखाना भी स्थित है।
  • यह बंदरगाह बड़े बंदरगाह की श्रेणी में नहीं आता है।

 

  • पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह (दक्षिण अंडमान) :
  • 2010 में इसे 13 वे बंदरगाह के रूप में मान्यता प्राप्त की गई।

   

पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाह : 6

  1. कांडला 2. मुंबई       3. नहावासोपा                    
  2. मर्म गोवा  5. न्यू मंगलौर   6. कोच्चि

                            

पश्चिमी तट पर स्थित बंदरगाह : 6

 

  1. कोलकाता 2. पाराव्दीप    3. विशाखापट्टनम              
  2. एन्नौर         5. चेन्नई      6. तूतीकोरन

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) :

  • पूरा नाम      : Inland Waterway Authority of India   
  • स्थापना       : 1986
  • मुख्यालय    : नोयडा, उत्तर प्रदेश Indian Transport System part – 2
  • उद्देश्य        : देश में राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास संरक्षण एवं नियमन हेतु
  • क्षेत्र             : नदियाँ, नहरों, सकरी खड़िया आदि।
  • आंतरिक जलमार्गों को बढावा देने के लिए 6 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है।

राष्ट्रीय जलमार्ग – 1 :

  • नदियाँ  : भागीरथी, गंगा व हुगली नदी
  • विस्तार : इलाहाबाद से हल्दिया तक
  • लम्बाई :  1620 कि.मी.
  • एक्ट   :  राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम – 1982
  • शुरुआत :  27 अक्टूबर 1985
  • राज्य   :  उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पं. बंगाल

राष्ट्रीय जलमार्ग – 2 :

  • नदियाँ  : बह्मपुत्र
  • विस्तार : घुबरी से सदिया तक
  • लम्बाई :  891 कि.मी.
  • शुरुआत :  1988
  • राज्य   :  असम तथा पं. बंगाल

राष्ट्रीय जलमार्ग – 3 :

  • नदियाँ  : पश्चिमी भारत स्थित तटीय नहरों श्रंखला
  • विस्तार : कोट्टापुरम से कोल्लम तक
  • लम्बाई :  205 कि.मी.
  • शुरुआत :  1992
  • राज्य   :  केरल

राष्ट्रीय जलमार्ग – 4 :

  • नदियाँ  : गोदावरी व कृष्णा नदी
  • विस्तार : चेन्नई से मछलीपट्टनम तक
  • लम्बाई :  1095 कि.मी.
  • राज्य   :  तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश

राष्ट्रीय जलमार्ग – 5 :

  • नदियाँ  : ब्राह्मणी व महानदी
  • विस्तार : मंगलगडी से पाराव्दीप तक
  • लम्बाई  :  623 कि.मी.
  • शुरुआत : 1985
  • राष्ट्रीयता : 2008
  • राज्य   :  उड़ीसा, पं. बंगाल

राष्ट्रीय जलमार्ग – 6 :

  • नदियाँ  : आई नदी
  • विस्तार : भंगा से लखीपुर तक
  • लम्बाई  :  121 कि.मी.
  • राज्य   :  असम

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