Indian Financial System(भारतीय वित्तीय व्यवस्था)

जय हिन्द दोस्तो ,  स्वागत है आप सभी का The Guru Shala  पर आज हम आपको Indian Financial System भारतीय वित्तीय व्यवस्था – RBI बताने जा रहे हैं , जो की Complete Topic Wise रहेगा जिसमे  हम  आपको  Topic  complete  होने  पर उस Topic के Importent MCQ देगे जिसका आने बाले सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूंछे जाने की पूरी पूरी संभावना है ! तो आप सभी से निवेदन है कि इसे अच्छे से पढिये और याद कर लीजिये !

भारतीय वित्तीय व्यवस्था से आश्य :

  • भारतीय वित्तीय व्यवस्था मुख्यतः दो बाजारों से मिलकर बना है :    
  • मुद्रा बाजार(Money Market) – मुद्रा बाजार के अंतर्गत मुख्यतः बैंकिंग व्यवस्था

को रखा जाता है।

  • पूंजी बाजार(Capital Market) : पूंजी बजार में मुख्यतः प्रतिभूति बाजार को रखा

जाता है। जिसमें अंश, ऋणपत्र आदि का लेन-देन किया जाता है।

पूंजी बाज़ार(Capital Market)

पूंजी बाज़ार से आश्य :

  • ऐसा बाज़ार जहां प्रतिभूतियो का व्यापर होता है, पूंजी बाजार कहलाता है।
  • अंश, ऋणपत्र आदि को प्रतिभूति के अंतर्गत आते है।

पूंजी बाज़ार का वर्गीकरण :

(A) प्राथमिक बाज़ार (Primary Market)

  (1) देशी (Native)

        (i) अंश(Share)       (ii) ऋणपत्र(Debenture)

   (2) विदेशी (Foreign)

        (i) ADR       (ii) GDR       (iii) IDR      

(B) व्दितीयक बाज़ार(Secondary Market)

  (1) BSE       (2) NSE       (3) Mutual Fund

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(A) प्राथमिक बाज़ार (Primary Market) :

  • ऐसा बाज़ार जहां किसी नवीन कंपनी के नवीन प्रतिभूति या पुरानी कंपनी के नवीन प्रतिभूति पहली बार निर्गमित किया जाता है, उसे प्राथमिक बाज़ार कहा जाता है।

(1) देशी प्राथमिक बाज़ार :

(i) अंश(Share) :

  • अंश से आश्य किसी कंपनी में भाग या हिस्से से होता है।
  • एक कंपनी के कुल स्वामित्व को विभिन्न टुकड़ो में वाट दिया जाता है।
  • स्वामित्व का हर टुकड़ा एक अंश कहलाता है।
  • जिसके पास जितने ज्यादा टुकड़े या अंश होते है, कंपनी हिस्सेदारी उतनी ही ज्यादा होती है।
  • इसे कभी भी बेचा या खरीदा सकते है।

(ii) ऋणपत्र(Debenture) :

  • ऋणपत्रों से कंपनी दीर्घकालीन ऋण प्राप्त करती है।
  • इसमें कंपनी निवेशकों को एक निश्चित प्रतिशत पर बार्षिक ब्याज दी है चाहे कंपनी को लाभ हो या न हो।
  • जब कंपनी को पूंजी की आवश्यकता होती है तब वह ऋणपत्र जरी करके पूंजी प्राप्त करती है या हम कह सकते है कि ऋणदाता या लेनदारों को ऋण देता है और कंपनी इस ऋण की एक रसीद ऋणपत्र के रूप में प्रदान करता है।
  • ऋणदाता को कंपनी के प्रबंध में मताधिकार नहीं होता है।

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 (2) विदेशी प्राथमिक बाज़ार :

(i) ADR :

  • पूरा नाम : American Depository Receipt
  • जब किसी भारतीय कंपनी व्दारा अमेरिका से पैसा एकत्रित करना होता है, तो वह कंपनी ADR का निर्गमन करती है ।

(ii) GDR :

  • पूरा नाम :Global Depository Receipt
  • जब किसी भारतीय कंपनी व्दारा अमेरिका के अतरिक्त किसी अन्य देश से पैसा एकत्रित करना होता है, तो वह कंपनी GDR का निर्गमन करती है ।

 (iii) IDR :

  • पूरा नाम : Indian Depository Receipt
  • जब किसी विदेशी कंपनी व्दारा भारत से पैसा एकत्रित करना होता है, तो वह कंपनी IDR का निर्गमन करती है।

(B) व्दितीयक बाज़ार (Secondary Market) :

  • ऐसा बाजार जहां पुरानी प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय होता है, उसे व्दितीयक बाज़ार कहा जाता है।
  • ऐसा व्यापर Stock Exchange या Share Market व्दारा संचालित किया जाता है।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(FDI) :

  • जब किसी विदेशी कंपनी व्दारा अपने व्यापर को विस्तृत करने के लिए किसी देशी कंपनी को अधिग्रहण करती ह या स्वयं विलय हो जाती है या स्वयं का नया व्यापर प्रारम्भ करती है तो उसे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कहते है।
  • यह दो प्रकार का होता है : ग्रीन फील्ड निवेश : स्वयं का व्यापर प्रारम्भ करना।
  1. पोर्ट फोलियो निवेश : अधिग्रहण या विलय करना।  Indian Financial System

Stock Exchange

  • ऐसा स्थान जहां विभिन्न प्रकार की प्रकार की प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय होता है।
  • यदि कोई विदेशी कंपनी Stock Exchange खोलना चाहती है तो 51% हिस्सेदारी भारतीय होगी।

Bombey Stock Exchange :

  • स्थापना : 9 जुलाई 1875
  • मुख्यालय : मुंबई
  • एशिया का सबसे पुराना Stock Exchange है।
  • विश्व का सबसे पुराना Stock Exchange 1602 में एम्सटर्डम, नीदरलैंड में खोला गया।
  • मुंबई भारत का सबसे बड़ा शेयर बाज़ार है।
  • प्रमुख सूचकांक :
  • Sensex :
  • यह BSE का सबसे प्रभुख सूचकांक है। Indian Financial System
  • इसकी स्थापना 1986 में की गई।
  • जिसमें 30 सबसे बड़ी कंपनियों के shares को रखा जाता है।
  • BSE 200 : 200 सबसे बड़ी कंपनियों को रखा जाता है।
  • Other : DOLLEX, BANKEX

National Stock Exchange :

  • इसकी स्थापना फेरवानी समिति की सिफारिश पर 1992 में मुंबई में की गई।
  • NSE-50 इसका प्रमुख सूचकांक है जिसका नाम बदलकर S&P.CNX.NIFTY रख दिया गया है।

Top Stock Exchange in World :

  • New York : New York Stock Exchange
  • New York : NASDAG
  • London : London Stock Exchange
  • Tokyo : Japan Stock Exchange Group
  • Shanghai : Shanghai Stock Exchange
  • Hongkong : Hong-Kong Stock Exchange
  • India : Bombay Stock Exchange

 भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड(SEBI) :

  • पूरा नाम : Securities and Exchange Board of India
  • स्थापना : 12 अप्रैल 1988
  • संवैधानिक दर्जा : 30 जनबरी 1992
  • मुख्यालय : मुंबई
  • क्षेत्रीय कार्यालय : दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई
  • प्रमुख उद्देश्य : पूंजी बाज़ार पर नियत्रण रखना एवं निवेशकों के हितों की रक्षा

करना। 

Mutual Fund :

  • पूंजी बाज़ार की जानकारी आम जनता को नहीं होती है।
  • इसी कारण कुछ संस्थाए जनता से पैसा लेकर अपने विशेषज्ञों की सहायता से अलग अलग कंपनियों में निवेश करते है।
  • जिससे यदि किसी एक कंपनी में हानि हो तो दूसरी कंपनी के लाभ से समायोजित कर लिया जाता है।
  • अत: इससे इसमें बाकि प्रतिभूतियो की अपेक्षा कम जोखिम होता है।

मंदडिया एवं तेजडिया :

  • मंदडिया(Bear) : बाज़ार में भाग लेने वाले Person या Broker ये उम्मीद करते है कि भविष्य में बाज़ार की कीमत गिरेगी या पूंजी में हानि होगी उन्हें मंदडिया कहा जाता है।

तेजडिया(Bull) : बाज़ार में भाग लेने वाले Person या Broker ये उम्मीद करते है कि भविष्य में बाज़ार की कीमत बड़ेगी या पूंजी में लाभ होगा उन्हें तेजडिया कहा जाता है।

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